किशनगढ़बास के ऐतिहासिक बिहारीजी मंदिर में चोरी, दानपात्र से उड़ाए 20 हजार रुपये
राजस्थान के किशनगढ़बास कस्बे में स्थित ऐतिहासिक किले के भीतर मौजूद प्राचीन बिहारीजी मंदिर में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। अज्ञात चोरों ने मंदिर के दानपात्र को तोड़कर उसमें जमा करीब 20 हजार रुपये की नगदी पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना का खुलासा सोमवार शाम को उस वक्त हुआ जब मंदिर में भजन-कीर्तन का कार्यक्रम चल रहा था। मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
पिछले रास्ते से मंदिर में दाखिल हुए चोर
मंदिर के महंत विनोद मिश्रा के अनुसार, चोरों ने शातिराना अंदाज में मंदिर के पिछले रास्ते का इस्तेमाल किया। वे पीछे के रास्ते से परिसर में घुसे और सीधे दानपात्र को अपना निशाना बनाया। महंत ने बताया कि बीते 11 जुलाई को मंदिर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया था। इसी वजह से दानपात्र में अच्छी-खासी राशि जमा थी, जिस पर चोरों की नजर थी।
भजन-कीर्तन के दौरान हुआ चोरी का खुलासा
सोमवार शाम को दैनिक पूजा-अर्चना के बाद जब महंत और श्रद्धालु भजन-कीर्तन में लीन थे, तभी एक श्रद्धालु नरेश की नजर दानपात्र पर पड़ी। उन्होंने देखा कि दानपात्र का लोहे का पतरा मुड़ा हुआ है। जब पास जाकर जांच की गई, तो दानपात्र से लगभग 20 हजार रुपये गायब मिले। चोरी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मंदिर परिसर में एकत्र हो गए और घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया।
पुलिस की कार्रवाई और श्रद्धालुओं का आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही किशनगढ़बास थाने के सहायक उप निरीक्षक होशियार सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और मंदिर से जुड़े लोगों व आसपास के निवासियों से पूछताछ की। महंत विनोद मिश्रा की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | किशनगढ़बास, ऐतिहासिक बिहारीजी मंदिर |
| चोरी गई राशि | लगभग 20,000 रुपये |
| पुलिस कार्रवाई | अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज |
इस घटना को लेकर इलाके के श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है। राकेश नरूका, अनिल राठौड़, संदीप वलेचा (राजा), मदन पाटनिया, विजय बत्रा, मोहन और नरेश डिंपल जैसे गणमान्य श्रद्धालुओं ने पुलिस से आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर न केवल एक प्राचीन धरोहर है, बल्कि हजारों लोगों की अटूट आस्था का केंद्र भी है, जहां ऐसी घटना होना दुर्भाग्यपूर्ण है।










