भिंड में गरजे राज्य अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष: 42 लंबित शिकायतों पर जताई कड़ी नाराजगी, अधिकारियों को दी चेतावनी
मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने अपने भिंड दौरे के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। दौरे के दूसरे दिन आयोजित समीक्षा बैठकों में डॉ. जाटव ने जिले में आयोग से संबंधित 42 लंबित शिकायतों पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े मामलों में अब किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
योजनाओं का लाभ और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर
अध्यक्ष ने जिला प्रशासन, पंचायत और नगरीय निकाय के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचना सुनिश्चित करें। डॉ. जाटव ने विशेष रूप से दलित बाहुल्य बस्तियों में विकास कार्यों पर जोर दिया:
- सड़क, नाली, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का प्राथमिकता से विकास करें।
- अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आवंटित 18 प्रतिशत बजट का शत-प्रतिशत और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करें।
- स्वीकृत कार्यों का फोटो सहित सत्यापन किया जाए ताकि गुणवत्ता बनी रहे।
राजस्व और नामांतरण के मामलों में सख्त रुख
राजस्व संबंधी प्रकरणों में सुधार के लिए डॉ. जाटव ने कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नामांतरण के मामलों को 15 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से निपटाया जाए। इसके अलावा, अवैध रजिस्ट्रियों की सघन जांच करने और पट्टाधारकों को बिना उचित नोटिस दिए बेदखल न करने की सख्त हिदायत दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि दलित वर्ग के अधिकारों का हनन करने वालों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
छात्रावासों की बदहाली पर चिंता और सुधार के निर्देश
शिक्षा विभाग और छात्रावासों की समीक्षा के दौरान, अध्यक्ष ने वहां की व्यवस्थाओं पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा, भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई। सुधार के लिए निम्नलिखित कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं:
- छात्रावासों में सुरक्षा के लिए गार्ड की तैनाती और खिड़कियों पर जाली लगवाना।
- भवन की रंगाई-पुताई और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करना।
- अधिकारियों को छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने का आदेश दिया गया है।
एससी-एसटी एक्ट के मामलों में पुलिस को सख्त निर्देश
पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित बैठक में डॉ. जाटव ने एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने और संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
| प्रमुख निर्देश | समय-सीमा/प्राथमिकता |
|---|---|
| लंबित 42 शिकायतों का निराकरण | तत्काल प्रभाव से |
| नामांतरण प्रकरण | 15 दिन के भीतर |
| एससी-एसटी एक्ट केस | जल्द निपटारा |
| लाभार्थियों का रिकॉर्ड | अलग से तैयार करें |
अंत में, डॉ. जाटव ने स्पष्ट किया कि यदि किसी शिकायतकर्ता पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील बनकर कमजोर वर्गों को समय पर न्याय दिलाने का संकल्प दिलाया।










