पन्ना में पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर मचा घमासान, कर्मचारियों ने जताई नाराजगी
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पदोन्नति प्रक्रिया के दौरान मांगी जा रही गोपनीय चरित्रावली (CR) को लेकर शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। विभाग द्वारा पिछले पांच वर्षों की सीआर दोबारा जमा करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसे कर्मचारी संगठन ने पूरी तरह से अव्यावहारिक और अतार्किक करार दिया है। इस मुद्दे को लेकर सवर्ण अधिकारी कर्मचारी संगठन ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को ज्ञापन सौंपते हुए प्रक्रिया को सरल बनाने की पुरजोर मांग की है।
क्यों हो रहा है इस प्रक्रिया का विरोध?
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले वर्ष ही क्रमोन्नति, वेतन वृद्धि और पदोन्नति के उद्देश्य से सभी कर्मचारियों से उनकी गोपनीय चरित्रावली जमा कराई गई थी। ये दस्तावेज संबंधित संकुल केंद्रों के माध्यम से पहले ही वरिष्ठ कार्यालयों तक पहुंचा दिए गए हैं। ऐसे में वर्तमान सत्र में उन्हीं पुराने दस्तावेजों को फिर से नए सिरे से मांगना केवल कागजी खानापूर्ति है, जिससे कर्मचारियों का समय बर्बाद हो रहा है।
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ई-अटेंडेंस बनी कर्मचारियों की बड़ी समस्या
मौजूदा शैक्षणिक सत्र में लागू ई-अटेंडेंस की व्यवस्था ने कर्मचारियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। शिक्षकों के लिए स्कूल समय के दौरान अपनी उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य है, जिसके कारण वे कार्यालयी कार्यों के लिए स्कूल से बाहर नहीं निकल सकते। इस संबंध में मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- समय का अभाव: ई-अटेंडेंस के कारण शिक्षक स्कूल समय में दफ्तरों के चक्कर नहीं लगा सकते।
- दबाव की स्थिति: कर्मचारियों को ये सभी कार्य स्कूल के बाद यानी शाम 5 बजे के बाद करने पड़ते हैं, जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- प्रशासनिक लापरवाही: संगठन का आरोप है कि विभाग द्वारा रिकॉर्ड को व्यवस्थित न रखने के कारण इसका खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है।
प्रशासन से की गई ये मांगें
सवर्ण अधिकारी कर्मचारी संगठन ने स्पष्ट किया है कि वे पदोन्नति के विरोधी नहीं हैं, लेकिन जिस तरह से विभाग द्वारा प्रक्रिया को जटिल बनाया जा रहा है, वह स्वीकार्य नहीं है। संगठन ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
| मांग का विषय | विवरण |
|---|---|
| रिकॉर्ड का सरलीकरण | पूर्व में जमा सीआर को ही आधार माना जाए और दोबारा फाइल न मंगवाई जाए। |
| डिजिटल रिकॉर्ड | विभाग को एक केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार करना चाहिए ताकि बार-बार दस्तावेज जमा न करने पड़ें। |
| मानसिक प्रताड़ना पर रोक | अनावश्यक कागजी कार्यों के बजाय शैक्षणिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने की व्यवस्था हो। |
अंत में, संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और पुरानी फाइलों को ही आधार मानकर पदोन्नति प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो कर्मचारी आगे की रणनीति तय करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल, पन्ना शिक्षा विभाग में इस आदेश को लेकर हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।









